कैलेंडर 2022: कृष्ण जन्माष्टमी

जन्माष्टमी कब है 2022 में | Janmashtami Kab Hai 2022 Mein Date in Indian Calendar

यह व्रत मध्य रात्रि को श्रीकृष्ण की पूजा करने के बाद ही उनके जन्म के समय खोला जाता है।

कैलेंडर 2023 : तिलकुटा चौथ

तिलकुटा चौथ 2023 में कब है - Tilkutni Chauth 2023 Mein Kab Hai

इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है, जिससे सारे संकट दूर हो जाते है व आपकी मनोकामना भी पूर्ण होती है।

कैलेंडर 2023 : गणेश विसर्जन

गणेश विसर्जन 2023 में कब है | Ganesh Visarjan 2023 Mein Kab Hai date

सबसे पहले गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की प्रतिमा को श्रद्धानुसार अपने घर में स्थापित किया जाता है फिर उसके बाद शुभ मुहूर्त के अनुसार 9 या 10 दिन बाद गणपति बप्पा का खूब धूम धाम से विसर्जन किया जाता है।

कैलेंडर 2023 : गणेश चतुर्थी

गणेश चतुर्थी 2023 में कब है | Ganesh Chaturthi 2023 Mein Kab Hai date

माना जाता है की इस दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था, ऐसी मान्यता है की इस दिन गणपति को घर में लाने के बाद वे घर के सारे विघन हर लेते है, जिस कारण से इन्हे विघ्नहरता भी कहा जाता है।

कैलेंडर 2023 : देवउठनी एकादशी

देव उठनी एकादशी कब है 2023 | Dev Uthani Ekadashi 2023 Mein Kab Hai

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी (ग्यारस) को देवउठनी एकादशी मनाई जाती है।

कैलेंडर 2023 : अहोई अष्टमी

अहोई अष्टमी कब है 2023 में - Ahoi Ashtami Kab Hai 2023 Date

अहोई अष्टमी का व्रत “अहोई आठे” के नाम से भी जाना जाता है क्योकि यह व्रत अष्टमी तिथि, जो की माह का आठवाँ दिन होता है के दिन किया जाता है।

कैलेंडर 2023 : धनतेरस

धनतेरस कब है 2023 में - Dhanteras Kab Hai 2023 Mein Date

धनतेरस यानि अपने धन को तेरह गुणा बढ़ाने का और उसमे वृद्धि करने का दिन। इस दिन समुन्द्र मंथन में भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था, जो अपने साथ में अमृत का कलश और आयुर्वेद लेकर प्रकट हुए थे।

कैलेंडर 2023 : करवाचौथ

करवाचौथ कब की है 2023 में - Karva Chauth Kab Ki Hai 2023 Date in Indian Calendar

कार्तिक मास के कृष्णा पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है और इसे ही करवा चौथ कहा जाता है।

कैलेंडर 2022 : सावन जल

सावन शिवरात्रि 2022 में कब है - Sawan Shivratri 2022 Mein Kab Hai

सावन हिन्दू कैलेंडर के अनुसार पाँचवा महीना होता है, इस महीने में आने वाली शिवरात्रि का हर भोले के भक्त को इंतज़ार होता है, जिसमे पूजा करने का विशेष फल मिलता है।